आधी रात शारदा में समाई कार, साहस की छलांग ने बचा ली चार युवकों की जान
क्रेन से निकाली गई इको वैन

पूरनपुर/पीलीभीत। निजी कार्यक्रम से वापस लौट रहे युवको की ईको कार पेंटून पुल से नीचे उतरकर शारदा नदी में गिर गई। घटना को लेकर कल्पवास कर रहे साधु संतों के शोर मचाने पर घाट पर तैनात बबलू मांझी बचाव कार्य में जुट गए। इसके बाद नदी में डूब रहे चारों युवकों को सुरक्षित बाहर निकल गया। कोहरा होने पर आधी रात घटना से खलबली मची रही। हालांकि नदी से कार रात में नहीं निकाली जा सकी। आधीरात हुए हादसे ने कुछ देर के लिए पूरे इलाके की सांसें थाम दीं।घने कोहरे के कारण एक ईको कार अनियंत्रित होकर सीधे शारदा नदी में जा गिरी। कार में सवार चार युवक कुछ ही पलों में मौत के मुंह में समा गए, लेकिन समय पर की गई साहसिक कार्रवाई ने चारों की जान बचा ली।हादसा रात करीब 12 बजे हुआ। जानकारी के अनुसार हजारा थाना क्षेत्र के गांव शांतिनगर निवासी अभिषेक कुमार अपने तीन दोस्तों अर्जुन गुप्ता,आदित्य वर्मा और अनंत रघुवंशी के साथ खटीमा में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। सभी सम्पूर्णानगर की ओर जा रहे थे। कार धनाराघाट पेंटून पुल पहुंचते ही अचानक घना कोहरा छा गया, जिससे आगे का रास्ता दिखाई देना बंद हो गया। इसी दौरान चालक संतुलन खो बैठा और कार शारदा नदी में जा गिरी।
कार के नदी में गिरते ही जोरदार आवाज गूंजी। आवाज सुनकर घाट पर कल्पवास कर रहे साधु और वहां तैनात बब्लू माझी सहित अन्य कर्मचारी मौके की ओर दौड़ पड़े। सबसे पहले बबलू मांझी ने बिना एक पल गंवाए नदी में छलांग लगा दी। अंधेरे और तेज बहाव के बीच बबलू मांझी ने एक-एक कर कार में फंसे सभी चार युवकों को बाहर निकाला। साधुओं और अन्य कर्मचारियों ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया।कुछ ही देर में सूचना मिलने पर हजारा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। सभी युवकों को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक मदद दी गई और बाद में उनके परिजनों को सूचना देकर घर भिजवा दिया गया। राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई।बताया जा रहा है कि धनाराघाट पांटून पुल पर दो दिन पहले ही वाहनों का आवागमन शुरू हुआ था। कोहरे के कारण संकेतक और मार्ग स्पष्ट न दिख पाने से हादसे की आशंका पहले से बनी हुई थी। फिलहाल ईको कार शारदा नदी में ही फंसी है, जिसे क्रेन की मदद से बाहर निकालने की तैयारी की जा रही है।इस हादसे ने एक बार फिर घने कोहरे में सावधानी से वाहन चलाने की जरूरत को उजागर किया है। वहीं, बबलू मांझी की बहादुरी की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर चार युवकों को नया जीवन दिया। वह अब तक शारदा में डूबे 25 लोगों की जान बचा चुके हैं। दो दिन पहले ही शारदा नदी पर बने पेंटून पुल का उद्घाटन हुआ है।




