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पीलीभीत से 61 किलोमीटर दूर तिल्छी गांव की सीमा से होकर गुजरेगा एक्सप्रेस वे

2026 में शुरू हो जाएगा सर्वे कार्य

पीलीभीत. गोरखपुर शामली एक्सप्रेस वे का काम 2026 से शुरू हो जाएगा, जिसके लिए डीपीआर तैयार कर लिया गया है. यह एक्सप्रेस वे पड़ोसी जनपद शाहजहांपुर की सीमा में पीलीभीत की सीमा को छूता हुआ निकलेगा, डीपीआर के मुताबिक इसमें बिलसंडा ब्लाक के गांव तिल्छी के नजदीक से यह गुजरेगा.
अब तक चल रही कार्रवाई के अनुसार शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के पीलीभीत जिले के तिल्छी गांव से शाहजहांपुर के पुवायां क्षेत्र में गांव डिमरी डिमरिया से गांव भगौतीपुर सुहेला, सुहेला, कैथ बहेड़ा, खिरिया, गुरसंडा रायपुर, बेलावाली, गुलौली, खुशालपुर, बालेमऊ, मरेना, दुबिया, नसुलिया, नहिलोरा बुजुर्ग, विक्रमपुर, खजुरिया, तितुरा, कुंवरपुर जप्ती, जुझारपुर, जारमानो, टकेली, बितौनी जमीने करनापुर, लखोहा, बसखेड़ा बुजुर्ग, पिपरी, बसही, जेवां, पुरेना, कटका, बनियानी, बेला आदि गांवों से होकर बनाए जाने की संभावना है।
इस एक्सप्रेसवे के बनने से पुवायां सहित जिले के लोगों का पूरब में लखीमपुर, सीतापुर, लखनऊ, अयोध्या, बस्ती, गोरखपुर और पश्चिम में पीलीभीत, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, सहारनपुर, मेरठ होते हुए शामली तक पहुंच आसान हो जाएगी। इसके अलावा जिले के लोगों को पांच एक्सप्रेसवे जिनमें गंगा एक्सप्रेसवे, लखनऊ गोरखपुर एक्सप्रेसवे, अंबाला शामली एक्सप्रेसवे, दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे शामिल हैं, से सीधा कनेक्शन मिलेगा।
इससे यात्रा का समय घटेगा, परिवहन गतिविधियां बढ़ेंगी और औद्योगिक निवेश को गति मिलेगी। यह क्षेत्र कृषि प्रधान होने के कारण यहां से अनाज, आलू आदि दूसरे जिलों को भेजना आसान हो जाएगा। व्यापारियों को माल भेजना और मंगाना आसान होगा। तमाम लोगों को रोजगार भी मिलेगा। सिख बहुल भी है और यहां के लोगों की रिश्तेदारी हरियाणा, पंजाब आदि में है। एक्सप्रेसवे से पंजाब आदि में आवागमन में आसानी होगी। डीपीआर के बाद जिले से शुरू होगी कार्रवाई
डीपीआर बनने और सर्वे के बाद बाद धारा 3-ए के तहत भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद चयनित जमीन पर निर्माण और खरीद-फरोख्त पर रोक लग जाएगी। भूमि स्वामी को आपत्ति के लिए 15 दिन का समय मिलता है, इसके बाद 3-डी घोषित कर भूमि केंद्र सरकार के नाम कर सुरक्षित करा दी जाएगी।

अभी शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए कोई सर्वे नहीं कराया गया है। सर्वे के लिए कंट्रोल प्वाइंट बनाए गए हैं। डीपीआर अंडरप्रोसेस है, फाइनल नहीं हुआ है। प्रशांत दुबे, पीडी एनएचएआई, बरेली

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