ऑफिसर्स कॉलोनी से पैदल कलेक्ट्रेट जाएंगे अफसर, डीएम ने हटाया अपना एस्कॉर्ट

@सुमित सक्सेना, पीलीभीत
ईंधन संकट और बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील के बाद पीलीभीत प्रशासन ने भी सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जिले में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने प्रशासनिक स्तर पर ईंधन बचत अभियान की शुरुआत करते हुए अपने एस्कॉर्ट में लगने वाले वाहन को अगले आदेश तक हटा दिया है। साथ ही ऑफिसर्स कॉलोनी में रहने वाले अधिकारियों को कलेक्ट्रेट और विकास भवन तक पैदल आने-जाने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, संभावित ईंधन संकट और विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचाने, अनावश्यक खर्च कम करने, वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा देने और जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम अपनाने की अपील की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अधिकारियों के फ्लीट और एस्कॉर्ट वाहनों की संख्या कम करने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में पीलीभीत प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने तहसील दिवस, समीक्षा बैठकों और अन्य सरकारी कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में अधिकारियों के अलग-अलग वाहनों से पहुंचने के बजाय वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू करने को कहा है। अधिकारियों को कम से कम वाहनों का प्रयोग करने और अनावश्यक यात्राओं से बचने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर ईंधन बचत के सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। सरकारी बैठकों में वर्चुअल माध्यम को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि अनावश्यक ईंधन खपत कम हो सके। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे आवश्यकता पड़ने पर ही निजी वाहनों का प्रयोग करें और ईंधन बचत में सहयोग दें।
जिलाधिकारी का यह कदम केवल प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि अधिकारियों और आम लोगों के लिए एक संदेश माना जा रहा है कि संकट की घड़ी में बचत और संयम सबसे बड़ी जरूरत है। प्रशासन के इस कदम को लोग सकारात्मक पहल मान रहे हैं, जहां अफसर खुद सादगी और जिम्मेदारी का उदाहरण पेश करते नजर आ रहे हैं।



