मिलावटी खोया बेंचने के आरोपी को एक वर्ष कैद, जुर्माना
पीलीभीत। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुंदर पाल ने 17 साल पहले मिलावटी खोया बेंचने के आरोपी शाहजहांपुर जनपद के खुदागंज थाना क्षेत्र के गांव भर्री निवासी कल्यान के पुत्र सुरेश को दोषी पाकर एक वर्ष की सजा और पांच हजार रुपए जुर्माना सुनाया है।
अभियोजन कहानी के अनुसार खाद्य निरीक्षक अशोक कुमार शर्मा ने 15 अक्टूबर 2009 को दोपहर 12:20 पर कस्बा बीसलपुर में अपनी टीम के साथ फेरी लगाकर खोया बेचने वाले सुरेश पुत्र कल्यान निवासी ग्राम भर्री थाना खुदागंज जिला शाहजहांपुर के खोया का नमूना लिया। परीक्षण कराए जाने पर खोया में फैट की मात्रा निर्धारित मानक से कम पाई गई। नमूनामिलावटी खोया बेंचने के आरोपी को एक वर्ष कैद, जुर्माना
पीलीभीत। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुंदर पाल ने 17 साल पहले मिलावटी खोया बेंचने के आरोपी शाहजहांपुर जनपद के खुदागंज थाना क्षेत्र के गांव भर्री निवासी कल्यान के पुत्र सुरेश को दोषी पाकर एक वर्ष की सजा और पांच हजार रुपए जुर्माना सुनाया है।
अभियोजन कहानी के अनुसार खाद्य निरीक्षक अशोक कुमार शर्मा ने 15 अक्टूबर 2009 को दोपहर 12:20 पर कस्बा बीसलपुर में अपनी टीम के साथ फेरी लगाकर खोया बेचने वाले सुरेश पुत्र कल्यान निवासी ग्राम भर्री थाना खुदागंज जिला शाहजहांपुर के खोया का नमूना लिया। परीक्षण कराए जाने पर खोया में फैट की मात्रा निर्धारित मानक से कम पाई गई। नमूना अप मिश्रित पाया गया। विक्रेता के विरुद्ध खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। न्यायालय में अभियोजन पक्ष ने अपने साक्ष्य से मामले को साबित किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुंदर पाल ने मिलावटी खोया बेंचने के आरोपी सुरेश को दोषी पाकर एक वर्ष की सजा और पांच हजार रुपए अर्थ दंड से दंडित किया। न्यायालय ने अपने आदेश में अंकित किया है कि दोष सिद्ध अभियुक्त पर खोया में मिलावट करके उसे सार्वजनिक बिक्री हेतु ले जाने का आरोप है। खोया जैसी खाद्यवस्तु मानव उपभोग में आती है। अपमिश्रित खाद्य पदार्थों के उपभोग से मानव स्वास्थ्य को हानि पहुंचती है। मानव जीवन संकट में आ जाता है। अप मिश्रित पाया गया। विक्रेता के विरुद्ध खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। न्यायालय में अभियोजन पक्ष ने अपने साक्ष्य से मामले को साबित किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुंदर पाल ने मिलावटी खोया बेंचने के आरोपी सुरेश को दोषी पाकर एक वर्ष की सजा और पांच हजार रुपए अर्थ दंड से दंडित किया। न्यायालय ने अपने आदेश में अंकित किया है कि दोष सिद्ध अभियुक्त पर खोया में मिलावट करके उसे सार्वजनिक बिक्री हेतु ले जाने का आरोप है। खोया जैसी खाद्यवस्तु मानव उपभोग में आती है। अपमिश्रित खाद्य पदार्थों के उपभोग से मानव स्वास्थ्य को हानि पहुंचती है। मानव जीवन संकट में आ जाता है।




