अनिल उर्फ छोटे हत्याकांड में चार आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास, अर्थ दंड
पीलीभीत। सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार ने गजरौला थाना क्षेत्र के ग्राम भूढ़ा सेमनगर उर्फ़ पंडरी में दो साल पहले हुए अनिल उर्फ छोटे हत्याकांड के चार आरोपियों को दोषी पाकर शुक्रवार को सजा सुनाई।
प्रत्येक आरोपी को सश्रम आजीवन कारावास और तीस हजार रुपए अर्थ दंड सुनाया गया है ।
अभियोजन कहानी के अनुसार थाना गजरौला पर गांव भूडा सेमनगर उर्फ़ पंडरी निवासी रामचंद्र ने रिपोर्ट दर्ज कराई ।जिसके अनुसार 10 जुलाई 2024 को करीब चार बजे शाम गांव के ही कल्लू धीमर, रामकुमार धीमर,सूरजपाल पुत्र रामकुमार धीमर ,सुरेंद्र उर्फ अलगू पुत्र ओंकार, मदनलाल पुत्र छोटेलाल व रामकुमार की पत्नी गंगा देवी उसके दरवाजे पर आकर कहने लगे कि उनके लड़के अनिल उर्फ छोटे ने गंगा देवी की गर्दन दवाई है। गंदी-गंदी गालियां और जान से मारने की धमकियां देने लगे ।उसी समय वादी का लड़का अनिल उर्फ छोटे उन्हें मिल गया ।उपरोक्त सभी आरोपियों ने उसे खंभा से बांधकर लाठी डंडों से काफी मारा पीटा ।उसके बाद रस्सी से बांधकर व घसीट कर सड़क पर लाकर उसकी हत्या कर दी । शव को उनके गांव से पड़ोस के गांव सुहास जाने वाले पक्के रास्ते पर डाल दिया ।वादी और उसकी पत्नी बिजरानी ने अपने बेटे को बचाने की काफी कोशिश की।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मृतक के शव का पंचायत नामा भरा। विवेचना के बाद सभी छह आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल हुआ ।
मामले की सुनवाई के दौरान रामकुमार धीमर पुत्र रामचंद्र लाल और गंगा देवी पत्नी रामकुमार की मृत्यु हो गई। इस कारण इन दोनों के विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई ।
दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया। न्यायालय ने मदनलाल , कल्लू धीमर उर्फ भीमसेन ,सूरजपाल उर्फ सत्यपाल और सुरेंद्र उर्फ सुरेंद्र पाल उर्फ अलगू को सजा सुनाई । प्रत्येक आरोपी को सश्रम आजीवन कारावास सुनाया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक आरोपी को तीस हजार रुपए अर्थ दंड से दंडित किया गया है ।न्यायालय ने अपने 29 पन्नों के निर्णय में लिखा है अर्थ दंड वसूल होने पर उसमें से आधी धनराशि मृतक के पिता अथवा निकटतम उत्तराधिकारी को दी जाएगी।



