आईजीआरएस रैंकिंग में पीलीभीत प्रदेश में दूसरे स्थान पर, शिकायत निस्तारण में दिखी प्रशासनिक सक्रियता

@सुमित सक्सेना, पीलीभीत।
जनसमस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिला प्रशासन की सक्रियता का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के नेतृत्व में पीलीभीत जनपद ने एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) में प्रदेशभर में दूसरा स्थान हासिल किया है। अप्रैल माह की जारी रैंकिंग में पीलीभीत को रामपुर के बाद दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह लगातार शिकायतों के निस्तारण को लेकर गंभीर और संवेदनशील रुख अपनाए हुए हैं। प्रशासनिक बैठकों में वे अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे रहे हैं कि आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिक को एक ही समस्या लेकर बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
प्रशासन की ओर से शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। लंबित मामलों की समीक्षा के साथ-साथ शिकायतकर्ता से फीडबैक लेने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। जिलाधिकारी का मानना है कि शासन की योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्था का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब आम नागरिक को समय पर न्याय और समाधान मिल सके।
रविवार को जारी हुई रैंकिंग रिपोर्ट साझा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखें। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि हर शिकायत को संवेदनशीलता के साथ लिया जाए और मौके पर जाकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पीलीभीत को प्रदेश में पहले स्थान तक पहुंचाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।



