रुरिया सलेमपुर राज इंडेन गैस एजेंसी पर फिर बवाल, हंगामा
युवक का हाथ फटा, पूर्ति निरीक्षक कलीनगर मौन

माधोटांडा/ पीलीभीत। तहसील कलीनगर क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाली रूरिया सलेमपुर गैस एजेंसी पर बीते 25 जून 2026 को गैस ब्लैकमेल और आम जनता को ना देने, होम डिलीवरी न करने के गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. काफी फजीहत के बाद मामला शांत हुआ था लेकिन आज दिनांक 28 जून 2026 को आफिस पर आज उस समय भारी हंगामा और अफरा-तफरी मच गई, जब एक उपभोक्ता और एजेंसी के कर्मचारियों के बीच विवाद हिंसक रूप में बदल गया। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पीड़ित युवक का हाथ खून से लथपथ दिखाई दे रहा है।
वीडियो में पीड़ित युवक अपने हाथ से लगातार बहते खून को दिखाते हुए वहां मौजूद लोगों को आपबीती बता रहा है। मौके पर इकट्ठा हुई उग्र भीड़ का आरोप है कि गैस एजेंसी के कर्मचारियों ने युवक के साथ बदसलूकी की और बहस के दौरान खिड़की या दरवाजे से उसका हाथ बुरी तरह जख्मी कर दिया।
भीड़ में मौजूद उपभोक्ताओं का कहना है कि वे काफी समय से अपनी बारी का इंतजार कर रहे, लेकिन एजेंसी के कर्मचारी न तो सही जवाब दे रहे थे और न ही गैस दे रहे थे। इसी बात को लेकर जब पीड़ित युवक ने विरोध जताया या वीडियो बनाने की कोशिश की, तो कर्मचारियों ने उसके साथ मारपीट की।घटना के बाद स्थानीय लोगों और उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है।फिलहाल, इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और पीड़ितों द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही जा रही है लेकिन स्थानीय पुलिस का कहना है दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया है। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि आम जनता के साथ इस तरह का हिंसक व्यवहार करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए लेकिन बीच जिला पूर्ति अधिकारी और पूर्ति निरीक्षक कलीनगर की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे कि प्रतिदिन गरीब जनता को एंजेसी द्वारा चक्कर लगवाए जा रहे और लगातार गैस ब्लैक करने की सूचनाएं और होम डिलीवरी, गैस प्री डिलीवरी करने की सूचनाएं अधिकारियों तक पहुंचने के बाद कोई बड़ी कार्यवाही नहीं की जा रही और इतना ही नही कलीनगर पूर्ति निरीक्षक का लगातार हो रहे मामलों को अनदेखी करना अधिकारियों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है अब देखना यह है कि दिन प्रतिदिन घटनाएं होने के बाद अधिकारियों द्वारा गैस एजेंसी पर क्या कार्रवाई की जाती है या फिर घटनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

