क्राइम

शराब के लिए पैसे न देने पर रूबी को पीटता था सुरेंद्र, इसलिए की हत्या

आगरा के सुरेंद्र हत्याकांड में पत्नी ने किया चौंकाने वाले खुलासा

आगरा ब्यूरो. सुरेंद्र हत्याकांड में पत्नी रूबी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सुरेंद्र की हत्या का प्लान कई महीने पहले बना लिया था। लाश को बाथरूम में गाड़ने के बाद उस पर फर्श कराने के लिए महिला ने 400 रुपये में मलबा खरीदा था। इसके अलावा 500 रुपये में मजदूरों से फर्श बनवाया था। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में सुरेंद्र की हत्या में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रूबी पति की हरकतों से आजिज आ गई थी। उसने पूछताछ में बताया कि वह हत्या के लिए काफी दिन से योजना बना रही थी। पति ने कुछ दिन पहले डिलीवरी बॉय का काम छोड़ दिया था। शराब पीकर घर में लड़ाई करना रोज का काम था।
खुद कोई मदद नहीं करता था और जो रुपये वह कमाती थी, उन्हें भी शराब के लिए मांगता था। रुपये नहीं देने पर पिटाई करता था। कुछ दिनों से उसने बेटियों के साथ भी दुर्व्यवहार शुरू कर दिया था। उसने रोज-रोज की कलह को जड़ से खत्म करने की साजिश रचना शुरू कर दिया था. फिल्मों और वेब सीरीज देख कर हत्या का प्लान बनाया था। रूबी ने पुलिस को बताया कि पड़ोस के घर में निर्माण कार्य हो रहा था। उसने वहां मलबा डालने आए ट्राली वाले से आधी ट्राली मलबा मंगा लिया था। वह घर के बाहर ही मलबा छोड़ गया। उसने पहले फावड़े से बाथरूम का फर्श खोदा। शव गलाने के लिए नमक भी डाला

गड्ढा करने के बाद घसीटते हुए पति की लाश को बाथरूम में लेकर आई। शव को गड्ढे में डाला और गलाने के लिए घर में रखा नमक भी डाल दिया। बाहर से बाल्टी में भरकर मलबा अंदर लाकर बाथरूम में डाला। इसके बाद धुरमुठ मांग कर मलबे को समतल कर दिया। बाथरूम में शौचालय की सीट पहले एक फीट ऊंची थी। मलबा डालने के बाद पूरी जमीन को एक लेबल में किया। 500 रुपये में एक घंटे में बाथरूम में बनाया फर्श

खुद जाकर सीमेंट की बोरी, चंबल और बालू खरीदे। पड़ोसी की मदद से एक लेबर से बात की। 19 मई को लेबर अपने एक साथी के साथ आया और 500 रुपये लेकर एक घंटे में बाथरूम का फर्श बना दिया।पूछताछ में रूबी ने बताया कि घर के पड़ोस में काम चल रहा था। यह समय उसको सही लगा। 17 मई की रात को पति बाजार से मीट लेकर आए। घर पर ही शराब पी और मीट खाया। इस दौरान भी पति गाली-गलौज कर रहे थे। पति को मीठा पसंद था। उनके मीट खाने के बाद उसने खीर बनाई। खीर में नींद की गोलियां मिलाईं
पहले से रखी नींद की गोलियां पीस कर मिला दीं। पति नशे में खीर खा गया। कुछ देर बाद ही सो गया। तीन बजे नींद खुली तो उसने पहले पति की सांसें चेक की। पति के मरने की पुष्टि के बाद सुबह सात बजे सास कमला देवी और दोनों बेटियों को जगाया। पति की मौत के बाद सास और बेटियों को जेठ के घर भेजा
पति कुछ दिन पहले अपने भरतपुर निवासी मामा के घर गए थे। वहां हंगामा किया था। सास और बेटियों को मामा का कॉल आने की जानकारी दी। मामा के भरतपुर पुलिस से शिकायत करने की बात बताकर जेठ के घर शाहगंज स्थित वायु विहार भेज दिया। उनके जाने के बाद दोबारा पति की मौत की पुष्टि की।पति के कहीं चले जाने की कहानी बनाई
पूरी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी महिला किसी को शक नहीं हो इसलिए घर पर ताला लगाकर खुद भी जेठ के घर चली गई। वहां पति के पुलिस के डर से कहीं चले जाने की कहानी बना दी। परिवार को शक न हो, इसलिए गुमशुदगी भी दर्ज करा दी।मजदूरों से भी हुई पूछताछ
पुलिस को हत्या में किसी अन्य के शामिल होने का शक था इसलिए पुलिस ने मजदूरों को भी पूछताछ के लिए बुलाया। सख्ती से पूछा गया कि उन्हें मालूम था कि बाथरूम में शव दफन है। मजदूरों ने बताया कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं थी। पूछताछ के बाद दोनों को निर्दोष पाने पर पुलिस ने उन्हें जाने दिया।यह था पूरा मामला
आगरा के सिकंदरा के दहतोरा में महिला ने शराब पीकर झगड़ा करने से तंग आकर पति सुरेंद्र (44) की हत्या कर दी। इसके बाद शव बाथरूम में दफना दिया और मिस्त्री को बुलाकर फर्श बनवा दिया। पुलिस के अनुसार, खीर में 20 से अधिक नींद की गोलियां मिलाकर हत्या की गई। हत्या के डेढ़ माह बाद पुलिस बुधवार को एक पुराने मामले में सत्यापन के लिए सुरेंद्र के घर पहुंची तो पत्नी रूबी घबरा गई। शुक्रवार को उसने अपने जेठ अनिल को बुलाया और घटना की जानकारी दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फर्श खोदकर सुरेंद्र का कंकाल बरामद करते हुए रूबी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में अनिल ने बताया कि छोटा भाई सुरेंद्र कुछ काम नहीं करता था। रोज शराब पीने के कारण आए दिन पत्नी से उसका झगड़ा होता रहता था। 18 मई को रूबी ने फोन कर बुलाया और कहा कि पुलिस दबिश दे रही है, इसलिए मां और बच्चियों को अपने घर ले जाओ। घर पहुंचकर मां और भतीजियों को अपने घर ले आए। दूसरे दिन रूबी भी आ गई। बताया कि सुरेंद्र तीन हजार रुपये लेकर कहीं चले गए हैं। मोबाइल भी घर छोड़कर गए हैं। उन्हें उसकी बातों पर शक हुआ।इसके बाद रूबी ने 26 मई को प्राची टावर चौकी पर जेठ के साथ पहुंचकर पति की गुमशुदगी दर्ज करा दी। पुलिस तलाश के लिए रेणुका धाम कॉलोनी भी पहुंची। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे। पुलिस के आने पर रूबी रोने लगती थी। एक सप्ताह पहले अनिल के कहने पर रूबी अपने घर आ गई थी।2017 में सुरेंद्र के खिलाफ ट्रक चोरी का मामला दर्ज हुआ था। बुधवार को पुलिस इस मामले में रूबी के घर सत्यापन के लिए पहुंची थी। सुरेंद्र के बारे में पूछने पर पत्नी ने लापता होने की जानकारी दी तो पुलिसकर्मियों ने रूबी के फोटो खींच लिए।इससे रूबी घबरा गई। उसे लगा कि पुलिस से किसी ने शिकायत कर दी है। शुक्रवार को उसने जेठ को फोन करके घर बुलाया और बताया कि पति को मारकर शव बाथरूम में दफना दिया है। इसके बाद अनिल ने पुलिस को सूचना दी।  24 साल पहले भरतपुर से आगरा आया था परिवार
पुलिस के अनुसार, मूलरूप से भरतपुर के रंजीत नगर निवासी राधेश्याम शर्मा एक इंटर कॉलेज में प्रवक्ता पद पर कार्यरत थे। 24 साल पहले सेवानिवृत्त होने के बाद आगरा आ गए थे। सिकंदरा के दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी में रहने लगे। 14 साल पहले उनकी मौत हो गई थी।सुरेंद्र उनका छोटा बेटा था। बड़े बेटे अनिल ऑटो चालक हैं और वायु विहार, शाहगंज में रहते हैं। सुरेंद्र रेणुका धाम कॉलोनी में रहते थे। उनकी शादी 16 साल पहले रूबी से हुई थीं। दो बेटियां प्राची (15) और सिद्धि (9) हैं। सुरेंद्र की मां कमला भी साथ ही रहती थीं। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि सुरेंद्र की मां को पति की पेंशन के 32 हजार रुपये मिलते थे। रूबी डेबिट कार्ड और पासबुक अपने पास रखती थी। पेंशन की रकम से वह जेठ अनिल को 10 हजार रुपये देती थी। जून में रूबी ने अनिल को पेंशन की रकम नहीं दी।कहा कि पेंशन नहीं आई है। अनिल बृहस्पतिवार को मां को भरतपुर लेकर गए। पेंशन के बारे में जानकारी की तो पता चला कि पेंशन खाते में भेजी जा चुकी है। अनिल ने घर पहुंचकर रूबी से शिकायत की तो दोनों में झगड़ा हुआ।

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