डीआईओएस कार्यालय में करोड़ों के घोटालेबाज चपरासी इल्हाम शम्सी पर गैंगस्टर की तैयारी
डीएम ज्ञानेंद्र सिंह की भ्रष्टाचार को लेकर बड़ी कार्रवाई

पीलीभीत। डीआईओएस कार्यालय के करोड़ों रुपये घोटाले के आरोपी इल्हाम शम्सी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। भले ही उसे अग्रिम जमानत मिल गई, लेकिन जांच का दायरा तेज हो गया है। कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट के बाद पुलिस ने विवेचना की रफ्तार बढ़ा दी है। उधर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि इल्हाम पर गैंगस्टर की कारवाई की जा रही है. उधर शासन की टीम भी जल्द आने की संभावना है. डीआईओएस कार्यालय में फरवरी में एक करोड़ रुपये से अधिक सरकारी धनराशि को ठिकाने लगाने का मामला सामने आया था। चपरासी से बाबू बने कार्यालय में तैनात इल्हाम शम्सी के अपनी पत्नी के खाते में भेजी गई करीब एक करोड़ की धनराशि के बाद मामला उजागर हुआ था। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह की सख्ती के बाद जांच शुरू हुई तो कई चौकाने वाले खुलासे हुए। करीब 35 संदिग्ध खाते सामने आए, जिसमें डीआईओएस कार्यालय की विभिन्न मदों की धनराशि का ट्रांजेक्शन होना पाया गया। डीएम के निर्देश पर सभी खातों को फ्रीज करने के साथ ही आगे की प्रक्रिया शुरू की गई थी. इधर मामले में डीआईओएस राजीव कुमार की ओर से इल्हाम शम्सी और उसकी पत्नी अर्शी के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
पुलिस ने कुछ दिन बाद अर्शी को तो गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया था, लेकिन इल्हाम को पकड़ने में पुलिस नाकाम रही थी। पुलिस को चकमा देकर इल्हाम न्यायालय की शरण में पहुंचा और पिछले दिनों उसे हाईकोर्ट से राहत मिल गई थी। इधर पुलिस ने विवेचना तेज कर दी है। प्रकरण से जुड़े डीआईओएस के अधिकारी और कर्मचारियों के बयान दर्ज कराने के साथ साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन की टीम के भी जल्द पीलीभीत आने की संभावना जताई गई है टीम यहां आकर पूरे प्रकरण की जांच करेगी इस मामले में कई जिला विद्यालय निरीक्षकों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है. जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि इल्हाम शम्सी पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जा रही है इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं.


