
रिपोर्ट- सुमित सक्सेना, पीलीभीत।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर गांधी स्टेडियम में आयोजित भव्य कार्यक्रम उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब योग शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में लोग मैदान छोड़कर जाने लगे। हालात ऐसे बने कि अधिकारियों को स्टेडियम का गेट तक बंद कराना पड़ा और बाहर निकल रहे लोगों को रोकने के लिए मान-मनौव्वल से लेकर सख्ती तक का सहारा लेना पड़ा।

सुबह पांच बजे से ही आम जन, शिक्षक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और विभिन्न विभागों के कर्मचारी स्टेडियम पहुंचने लगे थे। छह बजे तक राज्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और आला अधिकारी भी मंच पर पहुंच चुके थे। शुरुआती उत्साह ऐसा था कि स्टेडियम हजारों लोगों से खचाखच भर गया, जबकि पंडाल के बाहर भी सैकड़ों लोग मौजूद थे। लेकिन कार्यक्रम का क्रम आगे बढ़ने के बजाय लंबा होता चला गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन सुनाने में करीब एक घंटा बीत गया। इस दौरान तेज धूप चढ़ने लगी और लोग बेचैन होने लगे। कई लोग बार-बार घड़ी देखते नजर आए, जबकि कुछ समूहों में बाहर निकलने की चर्चा शुरू हो गई।
स्थिति तब रोचक हो गई जब योगाभ्यास शुरू होने से पहले ही लोग मैदान छोड़कर बाहर जाने लगे। खाली होते मैदान को देखकर अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। सीडीओ ने अधिकारियों को अपने-अपने विभाग के कर्मचारियों को रोकने के आदेश दिए। सीडीओ, डीडीओ समेत कई अधिकारी खुद बाहर जा रहे लोगों से कार्यक्रम में रुकने के लिए कहते दिखाई दिए।

इसी बीच बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के बाहर निकलने की सूचना पर बीएसए रोशनी सिंह भी सक्रिय हो गईं। बीएसए ने स्टेडियम का मुख्य गेट बंद करा दिया और बाहर निकलने की कोशिश कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास किया गया। बीएसए ने शिक्षकों को कार्यक्रम में रोकने लिए नाश्ते और जलपान का भी हवाला दिया। जब मनुहार से बात नहीं बनी तो बीएसए सख्त हो गईं। कार्यक्रम छोड़कर भाग रहे विभागीय शिक्षकों को बीएसए की फटकार भी सुननी पड़ी। बीएसए ने पकड़-पकड़कर शिक्षकों को ग्राउंड में बैठाना शुरू किया।

अटेंडेंस लगाने की रही होड़, फिर पतली गली देखकर निकले कर्मचारी
कार्यक्रम स्थल पर एक और दिलचस्प दृश्य देखने को मिला। विभिन्न विभागों के कर्मचारी उपस्थिति रजिस्टर और अटेंडेंस शीट तलाशते दिखाई दिए। कई लोग उपस्थिति दर्ज कराने के बाद सीधे बाहर की ओर बढ़ गए। इस दौरान अधिकारियों को बार-बार लोगों से अपनी जगह पर बने रहने की अपील करनी पड़ी। कई स्थानों पर पुलिसकर्मी लोगों को समझाते नजर आए।

आधी आबादी ने धूप में दिखाया दम, बिना पंडाल पूरा किया योगाभ्यास

आखिरकार सुबह 7:09 बजे सामूहिक योगाभ्यास शुरू हो सका। तब तक धूप काफी तेज हो चुकी थी और बड़ी संख्या में लोग मैदान से जा चुके थे। हालांकि मंच के सामने और मुख्य पंडाल में मौजूद प्रतिभागियों ने योगाभ्यास में हिस्सा लिया। मंच के दाहिनीं ओर कई महिलाएं बिना पंडाल के सूरज की रोशनी के नीचे योगाभ्यास करती दिखाई दीं। उन्होंने तेज होती धूप व गर्मी के बावजूद पूरे कार्यक्रम में हिस्सा लिया। हालांकि कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाओं और लंबी भाषणबाजी को लेकर लोगों में चर्चा का माहौल बना रहा।
एक नजर में-
– सुबह 5 बजे से पहुंचने लगे प्रतिभागी
– 6 बजे तक भर गया था स्टेडियम
– योग शुरू हुआ सुबह 7:09 बजे
– भाषणों के दौरान बाहर निकलने लगे लोग
– गेट बंद कर लोगों को रोकने की कोशिश
– अटेंडेंस लगते ही निकलते दिखे कई कर्मचारी
– धूप और गर्मी बनी लोगों की सबसे बड़ी परेशानी



