लखनऊ कांड के बाद खुली पोल: संकरे भवनों में चल रहीं लाइब्रेरी, दस्तावेज मांगते ही छूटे पसीने, नोटिस जारी
लखनऊ हादसे के बाद पीलीभीत में फायर अलर्ट: 15 लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटरों पर छापेमारी

पीलीभीत।
लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पीलीभीत में अग्निशमन विभाग हरकत में आ गया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग सिंह के निर्देश पर विभागीय टीम ने शहर व बीसलपुर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी का औचक निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की पड़ताल की। जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिसके बाद संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं।

जून माह में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण अधिकांश कोचिंग संस्थान बंद मिले, जबकि बड़ी संख्या में लाइब्रेरी संचालित होती पाई गईं। अग्निशमन विभाग की टीम ने जनपद में करीब 15 स्थानों पर निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकांश लाइब्रेरी संचालक संस्थान के पंजीकरण, अग्नि सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) अथवा अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान लगभग सभी लाइब्रेरी एवं शिक्षण संस्थान संकरे भवनों में संचालित होते मिले, जो सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। कई स्थानों पर पर्याप्त निकास मार्ग, अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था का अभाव मिला। ऐसी स्थिति में किसी दुर्घटना के दौरान बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
निरीक्षण के दौरान संचालकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं को आग लगने की स्थिति में बचाव के उपाय बताए गए। साथ ही फायर एक्सटिंग्विशर के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि आपात स्थिति में प्रारंभिक स्तर पर आग पर काबू पाया जा सके।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि किसी भी शिक्षण संस्थान में कम से कम चार फीट चौड़ा कॉरिडोर होना चाहिए, जिससे आपात स्थिति में भवन के अंदर मौजूद लोग सुरक्षित रूप से बाहर निकल सकें। उन्होंने कहा कि विद्युत वायरिंग की नियमित जांच, ओवरलोडिंग से बचाव और विद्युत उपकरणों को लकड़ी एवं अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखना भी आवश्यक है।
डीआईओएस को भेजी रिपोर्ट, हो सकती है कार्रवाई
निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई की संस्तुति की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध आगे भी अभियान चलाया जाएगा और नियमों का पालन न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




