मेडिकल कॉलेज में फार्मासिस्ट डे पर आउटसोर्सिंग कर्मियों का सवाल- जब पद ही स्पष्ट नहीं तो हक कैसे तय होगा?
प्राचार्य बोले- आपकी सैलेरी सुरक्षित, कंपनी आपकी नियुक्ति सही कर दे

स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय, पीलीभीत में विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने ही व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। समारोह में जहां फार्मासिस्टों के योगदान और जिम्मेदारियों की चर्चा हुई, वहीं बालाजी इंटरप्राइजेज के कर्मचारियों ने अब तक नियुक्ति पत्र नहीं मिलने और वेतन भुगतान में देरी का मुद्दा उठाया।
कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. अमित कुमार, सीएमएस डॉ. अश्वनी गुप्ता, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेश समेत पैरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ मौजूद रहा। प्राचार्य ने फार्मासिस्टों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें अस्पताल का अभिन्न अंग बताया। उन्होंने दवाओं के उचित रखरखाव और उनके हिसाब-किताब को लेकर भी कर्मचारियों को जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाया।
इसी दौरान बालाजी इंटरप्राइजेज के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं सामने रखीं। कर्मचारियों का कहना था कि उनसे फार्मासिस्ट का कार्य कराया जा रहा है, लेकिन आज तक उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया। यहां तक कि आधिकारिक तौर पर उनकी नियुक्ति किस पद पर हुई है, इसकी जानकारी भी स्पष्ट नहीं है। कर्मचारियों ने एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब नियुक्ति का रिकॉर्ड ही स्पष्ट नहीं है तो अपने हक और जिम्मेदारियों का निर्धारण कैसे करें।
कर्मचारियों ने वेतन भुगतान में देरी पर भी नाराजगी जताई। इस पर प्राचार्य डॉ. अमित कुमार ने बताया कि कंपनी को नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराने के संबंध में पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा कि कंपनी कर्मचारियों का नियुक्ति संबंधी रिकॉर्ड दुरुस्त कर दे, इसके बाद वेतन तत्काल जारी कर दिया जाएगा। प्राचार्य ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि किसी को वेतन का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
इसके बाद केक काटकर फार्मासिस्ट दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में फार्मासिस्ट कमलेश सिंह, अनिल मिश्रा, उमाशंकर यदुवंशी, क्षितिज शुक्ला, मुकेश राना, अल्का, शैलेंद्र यादव, संयुक्त स्वास्थ्य कर्मचारी महासंघ के संरक्षक रामऔतार शर्मा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्ष देवेंद्र अस्थाना समेत चिकित्सक एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।


